राजनीति


 मध्य प्रदेश में सरकार पर संकट के बीच मंगलवार को सीएम हाउस के सामने बैठे एक 13 साल के लक्ष्य गुप्ता ने सबका ध्यान आकर्षित किया। लक्ष्य मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपना राजनीतिक गुरु बता रहे हैं। उसका कहना है कि कमलनाथ के साथ प्रदेश की पूरी जनता है। इसलिए सरकार को किसी प्रकार की समस्या नहीं है। जब तक यह संकट टल नहीं जाता, वह सीएम हाउस के सामने ही बैठा रहेगा। लक्ष्य अपने साथ स्लोगन लिखे पोस्टर लिए भी लिए हैं। इसमें लिखा है- ‘मुझे मेरे मुख्यमंत्री पर गर्व है, ईश्वर आपके साथ है... प्रदेश की जनता आपके साथ है... और मैं आपके साथ हूं...।’


इंदौर के रहने वाले लक्ष्य के पिता सुनील गुप्ता बिल्डर हैं। इस साल लक्ष्य ने कक्षा 8वीं की परीक्षा दी है। कांग्रेस के 22 विधायकों के बागी होने से सरकार पर आए संकट को देखते हुए लक्ष्य अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री से मिलने सीएम हाउस आया। यहां बाहर बैठे लक्ष्य ने मीडिया से कहा कि कमलनाथजी मेरे राजनीतिक गुरू हैं। कोई भी शिष्य अपने गुरू को मुसीबत में अकेले नहीं देख सकता, इसलिए मैं उनसे मिलने आया हूं। मैं उन्हें यह बताने आया हूं कि मध्य प्रदेश की पूरी जनता उनके साथ है। उनकी सरकार को कुछ नहीं होगा। 


डेढ़ साल से मुख्यमंत्री से जुड़ा है लक्ष्य


लक्ष्य ने बताया कि वह राजनीति में ही करियर बनाना चाहता है, इसलिए अभी से मेहनत कर रहा है। वह पिछले डेढ़ साल से कमलनाथ से जुड़ा है। उसने बताया कि जब वे (कमलनाथ) सांसद थे, जब मैंने अपने स्कूल में एक स्पीच दी थी, जिसमें मैंने कहा था कि प्रदेश की जनता को आपकी जरूरत है और आप ही मुख्यमंत्री बनेंगे। 2 महीने बाद प्रदेश में चुनाव हुए और वे मुख्यमंत्री बने। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने डेढ़ साल में जो काम किया है वह बहुत ही अच्छा है। पूरी जनता उनके साथ है वे सभी की बात मानते हैं। उनकी सभी बातें बहुत अच्छी होती हैं, इसलिए मैं उन्हें अपना गुरू मानता हूं। 


सरकारी अस्पतालों की हालत सुधारने लक्ष्य ने दिया था सीएम को प्लान


लक्ष्य ने कहा कि मैं उनका साथ इसलिए दे रहा हूं, क्योंकि वे जनता के लिए बहुत काम कर रहे हैं। गांवों में बहुत ज्यादा गरीबी है, जिसके लिए कमलनाथ सरकार काफी काम कर रही है, आगे यदि वे बने रहे तो और ज्यादा काम होगा। लक्ष्य ने बताया कि उसने कमलनाथ को सरकारी अस्पतालों की दयनीय हालत को देखते हुए एक प्लान दिया था, जिस पर उन्होंने जल्द अमल करने को कहा था। मैंने प्लान दिया था कि क्यों ना हम लोकल संस्थाओं के साथ मिलकर अस्पताल खोलें, क्योंकि ये लोग दूसरों की भलाई के लिए रुपए देने को तैयार रहते हैं। इन अस्पताल में अलग-अलग विभागों का बंटवारा किया जाए और उन्हें संस्थाओं के राम पर रख दिया जाए। भाजपा के अल्पमत की सरकार के जवाब में कहा - मप्र में 100 फीसदी कमलनाथ सरकार ही रहेगी। उनके जैसा मुख्यमंत्री कभी मिल नहीं पाएगा।


 



 


Reco